उमीद पोर्टल पर 233 वक्फ संपत्तियां रिजेक्ट

 



गोरखपुर। जिले में उम्मीद पोर्टल पर करीब 233 सुन्नी वक्फ संपत्तियों को रिजेक्ट कर दिया गया है। मिली जानकारी के अनुसार जमीन और मालिकाना हक के विवरण में विसंगतियों के कारण आवेदन रिजेक्ट किए गए हैं। केंद्र सरकार द्वारा वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और पंजीकरण के लिए शुरू किए गए उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की समय सीमा 5 जून को समाप्त हो गई।


केंद्र सरकार ने पिछले साल जून में इस पोर्टल का शुभारंभ किया था, क्योंकि सरकार का मानना ​​था कि इस पर संपत्तियों का पंजीकरण कराने से इन परिसंपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी। उत्तर प्रदेश सुन्नी केंद्रीय वक्फ बोर्ड द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार जिले से कुल 1391 वक्फ संपत्तियां पोर्टल पर पंजीकृत की गईं, जिनमें से 736 वक्फ संपत्तियों को मंजूरी मिल गई और 233 अन्य को रिजेक्ट कर दिया गया। बाकी पंजीकृत वक्फ संपत्तियों के प्रस्तुत दस्तावेजों की जांच पड़ताल कर स्वीकृत या अस्वीकृत का निर्णय लिया जाएगा। वहीं शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले से कुल 32 वक्फ संपत्तियां पोर्टल पर दर्ज की गई हैं, जिनमें से अभी तक किसी शिया वक्फ संपत्ति को मंजूरी नहीं मिली है जबकि सात को रिजेक्ट कर दिया गया है। 


अब वक्फ संशोधन अधिनियम के तहत रिजेक्ट संपत्तियों को वक्फ न्यायाधिकरण के समक्ष दर्ज कराना होगा, जिसका अंतिम निर्णय इन संपत्तियों की स्थिति निर्धारित करेगा। 


 सुन्नी 1391 736 233

 शिया 0032 000  007


उम्मीद पोर्टल पर दर्ज वक्फ संपत्तियों के दस्तावेज 20 तक जमा करने के निर्देश


जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी कमलेश कुमार मौर्य ने बताया कि वक्फ संपत्तियों से जुड़े सभी मुतवल्लियों, प्रबंध समितियों और प्रशासकों को उम्मीद पोर्टल पर अपलोड की गई जानकारी एवं दस्तावेजों की एक प्रति 20 जून तक अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी। दस्तावेज सहायक सर्वे आयुक्त वक्फ कार्यालय, कमरा नंबर-27, कलक्ट्रेट परिसर स्थित पर्यटन भवन में जमा किए जाएंगे। दस्तावेज जमा कराने के लिए विशेष शिविर लगाया गया है। जिले के सर्वे वक्फ निरीक्षक रामकरण को संकलन प्रभारी बनाया गया है। अधिक जानकारी मोबाइल नंबर 9450675536 पर प्राप्त की जा सकती है। मिली जानकारी के अनुसार दस्तावेज जमा करने की रफ्तार काफी सुस्त है। अभी तक करीब 45 वक्फ संपत्तियों का दस्तावेज जमा हो चुका है। 


शहर काजी मुफ्ती मुहम्मद अजहर शम्सी ने एक बार फिर वक्फ संपत्तियों के मुतवल्लियों से अपील की है कि जिन संपत्तियों का उम्मीद पोर्टल पर पंजीकरण हो चुका है, वे अपने दस्तावेजों की प्रति जल्द से जल्द जिला अल्पसंख्यक कल्याण व वक्फ विभाग में जमा करा दें और किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें।

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